सावधान! मोबाइल गैलरी का एक्सेस लेकर मॉर्फ्ड अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देने वाले शातिर ठग दबोचे गए।
एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायतें: महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश से जुड़े 12 मामले इस गिरोह से संबंधित पाए गए हैं।
अजीत मिश्रा (खोजी)
डिजिटल ब्लैकमेलिंग का काला जाल: लोन ऐप के नाम पर अश्लील तस्वीरें बनाकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार
- बस्ती पुलिस का बड़ा एक्शन: देश के 8 राज्यों में फैला था साइबर ठगी का जाल, 12 से 15 लाख की उगाही करने वाले 4 शातिर गिरफ्तार।
- आसान लोन का झांसा, न्यूड एडिटिंग और फिर ब्लैकमेल—ऐसे गरीबों की गाढ़ी कमाई लूटते थे ये डिजिटल अपराधी!
- फर्जी सिम और ऐप्स का खेल खत्म: बस्ती में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के 4 गुर्गे गिरफ्तार, 3 की तलाश तेज।
बस्ती में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद थे, इसका खौफनाक चेहरा हाल ही में बस्ती पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया है। आसान लोन का लालच देकर लोगों की निजी जिंदगियों से खिलवाड़ करने, उनकी तस्वीरों को अश्लील रूप में एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने और इसके जरिए अवैध वसूली करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
कैसे चलता था यह शातिर डिजिटल ब्लैकमेलिंग का खेल?
इस गिरोह का तौर-तरीका बेहद शातिर और मानसिक प्रताड़ना से भरा था:
- लोन का जाल: आरोपी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों को बिना कागजी कार्रवाई के आसानी से लोन दिलाने का झांसा देते थे।
- डेटा की चोरी: जैसे ही पीड़ित उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करते थे, उनके मोबाइल फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का पूरा एक्सेस इन ठगों के पास पहुंच जाता था।
- अशोभनीय मॉर्फिंग: PicsArt जैसे ऐप्स की मदद से पीड़ितों की सामान्य तस्वीरों को अश्लील रूप में एडिट कर लिया जाता था।
- भय और उगाही: फर्जी सिम कार्ड्स से पीड़ितों को फोन कर उनकी मोर्फ़्ड तस्वीरें परिवार और रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी जाती थी, जिससे डरकर लोग अपनी जमापूंजी इन अपराधियों के खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क, लाखों की वसूली
जांच में यह बात सामने आई है कि इस गिरोह का जाल केवल एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई राज्यों में फैला हुआ था।
- एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायतें: महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश से जुड़े 12 मामले इस गिरोह से संबंधित पाए गए हैं।
- करोड़ों का कारोबार: पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अब तक देश भर के विभिन्न नागरिकों से 12 से 15 लाख रुपये की जबरन वसूली कर चुके हैं।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई: चार गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद
बस्ती पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने प्रतिबिंब पोर्टल की मदद से धोबी घाट अमहट के पास से इस गिरोह के चार सदस्यों को धर दबोचा।
- गिरफ्तार आरोपी: निखिल सिंह (19, निवासी मनिकारपुर), गौरव सिंह (18, निवासी पैकोलिया), अफरोज (19, निवासी पैकोलिया) और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाला मुख्य मददगार प्रद्युम्न चौरसिया (25, निवासी कलवारी मुस्तकहम)। प्रद्युम्न अब तक गिरोह को 30 से 40 फर्जी सिम मुहैया करा चुका था।
- बरामदगी: पुलिस ने इनके पास से 7 हाई-एंड स्मार्टफोन (दो आईफोन, एक वीवो, एक आईक्यूओओ, दो सैमसंग और एक नथिंग फोन), वोडाफोन कंपनी के 7 नए फर्जी सिम कार्ड और 3 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
- वांछित अपराधी: मामले में लकी सिंह, अश्वनी सिंह और पीयूष सिंह अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
कानूनी शिकंजा और पुलिस की सख्त चेतावनी
पुलिस ने इस मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 372/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66सी व 66डी, तथा टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 42(3)ई के तहत गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
बस्ती पुलिस की अपील:
“आसान लोन के नाम पर आने वाले किसी भी लुभावने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। अपने मोबाइल की गैलरी, कॉन्टैक्ट्स या अन्य निजी डेटा का एक्सेस किसी भी अनजान ऐप को न दें। यदि आप किसी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो घबराएं नहीं—तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।”














